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वैक्सीन की किल्लत! सतारा में सेंटर ठप, दिल्ली में 4-5 दिन का बचा स्टॉक

नई दिल्ली: कोरोना की बेकाबू रफ़्तार के बीच जहां एक ओर सरकार टीकाकरण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, वहीं वैक्सीन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टकराव बढ़ गया है। कई जगहों पर वैक्सीन ख़त्म हो गई है, तो कई जगहों पर दो से तीन दिन का ही स्टॉक बचा है।  महाराष्ट्र के सतारा में जहां लाइनों में लगे लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है वहीं वाराणसी में शॉर्टेज के कारण कई वैक्सीन सेंटर्स बंद करने पड़े हैं।

इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने भी केवल 4-5 दिन का स्टॉक होने की बात उठाई है। उन्होंने  केंद्र के आरोपों को लेकर कहा कि हमें भी कह सकते हैं कि दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों में ही वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी है। केंद्र के अस्पतालों में सिर्फ 30-40 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ है। इसी वजह से दिल्ली के आंकड़ों में कमी है. लेकिन ये वक्त लड़ने का नहीं, साथ में काम करने का है।  

 शिवसेना सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार के आरोपों पर कहा है कि महाराष्ट्र सरकार कोई नाकामी नहीं छुपा रही है। ये महाराष्ट्र को नीचा दिखाने और सरकार को संकट में लाने की कोशिश की जा रही है। महाराष्ट्र एक बड़ा राज्य है, उसपर दबाव है। वैक्सीन का भी दबाव है, ऐसे में केंद्र-राज्य को साथ मिलकर काम करना चाहिए।

वहीं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार उनके राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हमने दो बार दस लाख डोज़ मांगी हैं, लेकिन केंद्र ने अभी तक नहीं भेजी हैं। हमारे यहां एक-दो दिन में स्टॉक खत्म हो जाएगा। अभी ही कई जिलों में वैक्सीनेशन बंद हो गया है।

जब केंद्र और राज्य में वैक्सीन को लेकर जंग चल रही है, तब महाराष्ट्र के सतारा में वैक्सीन ना होने के कारण टीकाकरण ही बंद हो गया। डीएम के मुताबिक, जिले में कुल 180 वैक्सीनेशन सेंटर हैं और सिर्फ 3 हजार डोज़ बची हैं। ऐसे में वैक्सीनेशन रुक गया है, हम जिले में हर दिन 27 हजार वैक्सीन लगा रहे हैं। अबतक सवा दो लाख लोगों को टीका लग चुका है।



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