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गलवान घाटी में सेना पीछे हटाने को राजी हुआ चीन

  • चीनी सेना पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले इलाके से पीछे हटने को राजी हाे गई है। दाेनाें पक्षाें के बीच साेमवार काे 11 घंटे चली कोर कमांडर स्तर की वार्ता में यह सहमति बनी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बैठक साैहार्दपूर्ण, सकारात्मक अाैर रचनात्मक माहौल में हुई। इसमें तय हुअा कि पूर्वी लद्दाख में दाेनाें पक्ष सेना पीछे हटाने के ताैर-तरीकाें पर अमल करेंगे। दूसरी तरफ, चीनी िवदेश मंत्रालय ने भी कहा कि दाेनाें देश बातचीत के जरिये सीमा पर शांति कायम करने पर सहमत हो गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाअाे लिजिन ने कहा कि शांति बहाली के लिए सभी जरूरी कदम उठाते हुए दाेनाें पक्ष मिलकर काम करेंगे। शेष|पेज 8 परचीनी िवदेश मंत्री के सामने बाेले जयशंकर- वैश्विक व्यवस्था के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान जरूरीविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अारअाईसी (रूस-भारत-चीन) सम्मेलन काे वीडियाे काॅन्फ्रेंिसंग से संबाेधित किया। उन्होंने चीन के विदेश मंत्री की मौजूदगी में कहा- ‘यह बैठक अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों पर हमारा विश्वास दोहराती है। अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान, साझेदारों के वैध हितों को मान्यता देना, बहुपक्षवाद को समर्थन देना और सभी के हितों को बढ़ावा देना ही टिकाऊ विश्व व्यवस्था के निर्माण का एकमात्र तरीका है।’चालाकी : चीन हमारी 2848 वस्तुओं का आयात रोकता है, भारत में सिर्फ 433 पर रोकनई दिल्ली | चीन ने आर्थिक मोर्चे पर भी भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रखा है। वह 2,848 वस्तुओं पर नॉन-टैरिफ बैरियर लगाता है। इसके चलते ये वस्तुएं चीन नहीं भेजी जा सकतीं। जबकि, भारत में 433 वस्तुओं के आयात पर ही बैरियर हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, विश्व व्यापार संगठन के नियमाें की वजह से कोई भी देश तय दर से अधिक टैरिफ नहीं लगा सकता। आयात कम करने के लिए ज्यादातर देश दो नॉन टैरिफ बैरियर लगाते हैं। ये बैरियर हैं- टेक्निकल बैरियर टू ट्रेड (टीबीटी) और सैनेटरी एंड फाइटोसैनिटरी (एसपीएस)। शेष|पेज 8 परसेना प्रमुख नरवणे लेह पहुंचे, घायल जवानों से मिलेलेह पहुंचे सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने झड़प में घायल जवानों से मुलाकात की। उन्हाेंने सैनिकों से 15 जून की रात की घटना के बारे में भी बात की। इसके बाद वह लद्दाख भी गए। चीनी सेना के साथ सोमवार को हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता की भी पूरी जानकारी हासिल की। जनरल नरवणे दिल्ली में सैन्य कमांडरों के दो दिवसीय सम्मेलन में शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद लेह पहुंचे हैं।

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